Elderly Man Lost in Crowd: भीड़ में भटके, सिर में लगी चोट: महेश रथयात्रा में बिछड़े बुजुर्ग को 'हैम रेडियो' ने परिवार से मिलाया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। महेश रथयात्रा, जो न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है, ने एक बार फिर से अपने सांस्कृतिक महत्व को साबित किया है। इस रथयात्रा के दौ
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। महेश रथयात्रा, जो न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है, ने एक बार फिर से अपने सांस्कृतिक महत्व को साबित किया है। इस रथयात्रा के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति, रामानंद यादव, अपने परिवार से बिछड़ गए थे। वे ओडिशा में एक इलेक्ट्रिकल तकनीशियन के रूप में काम करते थे और रथयात्रा देखने के लिए हुगली जिले के महेश आए थे। भीड़ में खो जाने के कारण वे रास्ता भटक गए और गिरकर बेहोश हो गए, जिससे उनके सिर में चोट लग गई। यह घटना तब हुई जब वे रथयात्रा के उत्सव का आनंद ले रहे थे। उनके बेहोश होने की सूचना मिलते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें श्रीरामपुर वाल्स अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उनकी पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रबंधन को उनके परिवार का पता लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
इस संकट के समय में हैम रेडियो की मदद से रामानंद यादव के परिवार का पता लगाया गया। अस्पताल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट वासुदेव जोरदार ने वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब से संपर्क किया, जिसके बाद बुजुर्ग के परिवार की खोज शुरू की गई। कई प्रयासों के बाद, यह पता चला कि रामानंद यादव का परिवार बिहार के पटना के धनरुआ थाना क्षेत्र के मरियप्पा गांव में रहता है। उनके बेटे अनिल यादव ने बताया कि उनके पिता ओडिशा में काम करते थे और परिवार पटना में रहता है। पिछले कुछ समय से परिवार अपने पिता से संपर्क नहीं कर पा रहा था, इसलिए वे उनकी तलाश कर रहे थे। इस बीच, अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने पर अनिल यादव की भावनाएं उमड़ पड़ीं।
अनिल यादव ने हैम रेडियो और सभी मदद करने वालों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे जल्द ही अपने पिता को लेने के लिए अस्पताल पहुंचेंगे। यह घटना न केवल एक परिवार के पुनर्मिलन की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे तकनीकी सहायता और सामुदायिक सहयोग से मुश्किल समय में मदद की जा सकती है। महेश रथयात्रा का यह अनुभव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और मानवता की भावना को भी उजागर करता है। ऐसे समय में जब लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं, तब समाज में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।









