Cyber Crime: इंटरनेट पर डाॅक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, 10 रुपये के पंजीकरण में गंवा दिए 1.34 लाख

भोपाल की एक महिला को अपने पिता के इलाज के लिए चिकित्सक का नंबर खोजना महंगा पड़ा। महिला ने गूगल पर डॉ. नागेंद्र सिंह का नंबर खोजा और अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करने क
भोपाल की एक महिला को अपने पिता के इलाज के लिए चिकित्सक का नंबर खोजना महंगा पड़ा। महिला ने गूगल पर डॉ. नागेंद्र सिंह का नंबर खोजा और अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करने का प्रयास किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने उन्हें 10 रुपये के पंजीकरण शुल्क के लिए एक लिंक भेजा। जब महिला ने लिंक पर क्लिक कर भुगतान करने का प्रयास किया, तो उनका ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ। हालांकि, कुछ दिनों बाद उनके बैंक खाते से लगातार आठ ट्रांजेक्शन के जरिए 1.34 लाख रुपये निकाल लिए गए। यह घटना साइबर ठगों की एक नई चाल का उदाहरण है, जिसमें वे सरलता से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने अस्वस्थ पिता का इलाज कराने के लिए शास्त्रीपुरम स्थित अपने बड़े भाई के घर आई थीं। उन्हें एलएन हॉस्पिटल के डॉ. नागेंद्र सिंह के बारे में जानकारी मिली थी। जब उन्होंने गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजा, तो उन्हें एक व्यक्ति का नंबर मिला। कॉल करने पर उस व्यक्ति ने उन्हें 10 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करने के लिए एक लिंक भेजा। महिला ने लिंक पर क्लिक किया, लेकिन ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ। इसके बाद, उन्होंने इस घटना को भुला दिया, लेकिन तीन दिन बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की, तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से 1.34 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। यह घटना इस बात का संकेत है कि साइबर ठग किस तरह से लोगों को निशाना बना रहे हैं और किस प्रकार से वे तकनीक का उपयोग कर लोगों को धोखा दे रहे हैं। लोगों को इस तरह के धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।


















