Flat ownership wait: 20 साल से घर का इंतजार कर रहे सबीर भाटिया

हॉटमेल के सह-संस्थापक और भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन सबीर भाटिया ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से एक चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। उन्होंने बता
हॉटमेल के सह-संस्थापक और भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन सबीर भाटिया ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से एक चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने साल 2012 में भारत में एक 'अल्ट्रा-लक्जरी' अपार्टमेंट बुक कराया था, लेकिन अब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वे इसके पजेशन का इंतजार कर रहे हैं। सबीर भाटिया के अनुसार, बिल्डर ने उन्हें सूचित किया है कि अब इस फ्लैट का पजेशन साल 2032 में ही मिल पाएगा। यह जानकारी उनके लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने इस अपार्टमेंट को बुक करते समय उम्मीद की थी कि वे जल्द ही अपने नए घर में प्रवेश कर सकेंगे।
आमतौर पर फ्लैट बुक करने का अर्थ होता है कि खरीदार एक प्रारंभिक राशि देकर बिल्डर के साथ एक एग्रीमेंट करता है, जबकि पजेशन का मतलब है कि जब बिल्डर फ्लैट को तैयार कर लेता है, तब उसे खरीदार को सौंपता है। लेकिन इस मामले में, सबीर भाटिया को एक लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए लिखा, "मैंने 2012 में भारत में एक अल्ट्रा-लक्जरी अपार्टमेंट बुक किया था, यह प्रोजेक्ट कई विवादों और उतार-चढ़ाव से गुजरा है। अब मुझे बताया गया है कि इसका पजेशन 2032 में मिलेगा। क्या 20 साल का यह लंबा इंतजार वाजिब है?" उनके इस सवाल ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
सबीर भाटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्हें यह अपार्टमेंट मिलेगा, तब तक वे बुजुर्ग हो चुके होंगे। उन्होंने कहा, "जब यह मुझे मिलेगा, तब तक मैं बूढ़ा हो चुका होऊंगा। मैंने इसे एक युवा के रूप में इस उम्मीद से बुक किया था कि भारत में अपना एक शानदार ठिकाना बना सकूं।" इसके अलावा, जब कुछ यूज़र्स ने उनसे कहा कि शायद उन्हें 2032 में भी पजेशन न मिले, तो भाटिया ने इसे देश की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, "यह बिल्कुल भी अच्छी खबर नहीं है। दुर्भाग्य से, भारत एक 'जीरो ट्रस्ट' वाला देश बनता जा रहा है।" इस तरह, सबीर भाटिया का यह अनुभव न केवल उनकी व्यक्तिगत कहानी है, बल्कि यह भारतीय रियल एस्टेट उद्योग में चल रही समस्याओं को भी उजागर करता है।











