Ravidas Jayanti Celebrations: बीजेपी का दलित वोट साधने का नया अभियान

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मिशन-2027 को सफल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीजेपी न
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मिशन-2027 को सफल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीजेपी ने बुधवार को संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से 'समरसता संकल्प अभियान' की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राजनीतिक और सामाजिक संदेश को फैलाना है। इस अभियान के तहत बीजेपी ने सात महीने की एक यात्रा की योजना बनाई है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता वाराणसी में एकत्रित होंगे और संत रविदास के जन्मस्थान की मिट्टी को 131 कलशों में भरकर पूरे देश में ले जाने का कार्य करेंगे। यह यात्रा 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगी, जब उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस प्रकार, बीजेपी ने दलित समुदाय तक पहुंचने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है।
'समरसता संकल्प यात्रा' का आरंभ संत रविदास की जन्मस्थली से हो रहा है, जिसमें रविदासी संतों और 27 राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन इस अभियान की शुरुआत संत रविदास मंदिर में मत्था टेकने और कांस्य प्रतिमा पर पुष्पार्चन के बाद करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है। वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में 27 राज्यों के प्रतिनिधियों को जन्मस्थली की पवित्र माटी से तैयार 131 कलश सौंपने की योजना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले दलित समाज तक पहुंच बनाने की बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है।

















