Weather Update: पहाड़ों पर भारी बारिश, कश्मीर में फटा बादल; हिमाचल-उत्तराखंड में 290 सड़कें बंद

हाल ही में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे लगभग 290 सड़कें ब
हाल ही में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे लगभग 290 सड़कें बंद हो गई हैं। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। इस घटना के परिणामस्वरूप भारी मलबा नीचे आया है, जिससे कई घरों में पानी भर गया है। इसके अलावा, बारिश और तेज आंधी के कारण कई पेड़ भी गिर गए हैं, जिससे और अधिक नुकसान हुआ है। इस स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
असम में भी बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर है। यहां के 25 जिलों में 11.44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, और लगभग 71 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि भोजन और चिकित्सा सेवाओं की कमी। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और भी बिगड़ सकती है। इस कठिनाई के बावजूद, स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार, मानसून इस समय अपने चरम पर है। जुलाई के अंत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। दिल्ली में भी मानसून फिर से सक्रिय हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। वर्तमान में, मानसून ट्रफ दिल्ली के दक्षिणी हिस्से से गुजर रही है, और बंगाल की खाड़ी से बना गहरा कम दबाव भी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट पर पहुंच चुका है। इसके अलावा, राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण और मध्य उत्तर प्रदेश में दूसरा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। मानसून ट्रफ एक कम दबाव की लंबी पट्टी होती है, जो बारिश लाने में सहायक होती है। वहीं, चक्रवाती परिसंचरण हवा के ऐसे क्षेत्र होते हैं, जहां हवाएं गोल-गोल घूमती हैं, जिससे बारिश होती है।









