Administrative Action in Hapur: डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को नोटिस जारी किया

हापुड़ में प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और जनसुनवाई की शिकायतों के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी कविता मीना ने सख्त कदम उठाना शुरू
हापुड़ में प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और जनसुनवाई की शिकायतों के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी कविता मीना ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस क्रम में जिला पूर्ति अधिकारी डा. सीमा बालियान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्हें बिना पूर्व अनुमति कार्यालय से समय से पहले जाने और जनशिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने के लिए स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह गंभीर अनुशासनहीनता है। 20 जुलाई को शाम करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी, जिसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में जिले की प्रदेश स्तर पर 75वीं रैंक सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होनी थी। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। जब बैठक के दौरान उनसे संपर्क किया गया तो पता चला कि वह कार्यालय से जा चुकी थीं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि उन्होंने निर्धारित समय से पहले कार्यालय छोड़ने की कोई अनुमति नहीं ली थी, जो सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। जिला पूर्ति अधिकारी को समय की पाबंदी और कार्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा है।
दूसरा मामला 21 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई से जुड़ा है। मोहल्ला इंद्रगढ़ी के निवासी इशरत बेगम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राशन डीलर पूरन मल आनंद कई महीनों से उन्हें राशन नहीं दे रहा है और उनके दिव्यांग पति के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने और संबंधित डीलर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शिकायत का निस्तारण नहीं कराया गया और न ही संबंधित राशन विक्रेता के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामले में निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर जिला पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रशासनिक कार्यों में सुधार लाने और जनसुनवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।


















