Ambedkar Nagar: पॉक्सो मामले में एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी होंगे तलब, डॉक्टर को दोबारा बुलाने से अदालत का इनकार

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में पॉक्सो एक्ट के तहत चल रहे एक बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश मोहन कुमार की अदालत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में पॉक्सो एक्ट के तहत चल रहे एक बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश मोहन कुमार की अदालत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अदालत ने एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) रामनगर, वाराणसी के वैज्ञानिक अधिकारी को साक्ष्य के लिए तलब करने का आदेश दिया है। यह मामला 2018 से विचाराधीन है और इसमें पीड़िता पर ब्लेड से हुए हमले का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था जिसमें यह कहा गया था कि डॉ. एसपी गौड़ की गवाही के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आया कि अत्यधिक रक्तस्राव मृत्यु का कारण बन सकता था। इस प्रार्थना पत्र में एफएसएल रिपोर्ट को विधिवत साबित करने के लिए वैज्ञानिक अधिकारी को भी तलब करने की मांग की गई थी। अदालत ने इस मांग को आंशिक रूप से स्वीकार किया है।
हालांकि, अदालत ने डॉ. एसपी गौड़ को दोबारा गवाही के लिए बुलाने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय दिया कि डॉ. गौड़ की मुख्य परीक्षा और जिरह 25 मार्च 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी हो चुकी है, इसलिए उन्हें पुनः तलब करने का कोई उचित आधार नहीं है। यह निर्णय अभियोजन पक्ष के लिए एक झटका है, क्योंकि उन्होंने डॉ. गौड़ की गवाही को महत्वपूर्ण माना था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावी न्याय के लिए वैज्ञानिक अधिकारी को साक्ष्य के लिए तलब करना आवश्यक है, ताकि मामले की सच्चाई को उजागर किया जा सके।















