Compensation for Four-Lane Project: मंडी जिला कोर्ट ने NHAI की याचिका खारिज की

मंडी जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (nhai) को जिला अदालत से एक बड़ा झटका लगा है।
मंडी जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जिला अदालत से एक बड़ा झटका लगा है। मंडी की जिला न्यायालय ने आर्बिट्रेटर द्वारा प्रभावित परिवार के लिए बढ़ाए गए मुआवजे को चुनौती देने वाली NHAI की याचिका को खारिज कर दिया है। इस निर्णय के बाद प्रभावित भू-मालिक को मिलने वाला मुआवजा अब बरकरार रहेगा, जो कि उनके लिए एक महत्वपूर्ण जीत है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब NHAI ने आर्बिट्रेटर के निर्णय को चुनौती दी, जिसमें मुआवजे की राशि को बढ़ाया गया था। अदालत के इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय मुआवजे के मामलों में प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब मंडी जिले की औट तहसील के टकोली निवासी बंसी लाल की भूमि और मकान का अधिग्रहण फोरलेन निर्माण के लिए किया गया। प्रारंभ में, सक्षम प्राधिकारी ने 4 दिसंबर 2019 को बंसी लाल के मकान का मुआवजा 38,81,000 रुपये निर्धारित किया था। हालांकि, बंसी लाल ने इसे अपर्याप्त मानते हुए आर्बिट्रेटर-कम-मंडलायुक्त, मंडी के समक्ष अपील की। आर्बिट्रेटर ने 7 अगस्त 2023 को अपना निर्णय सुनाते हुए मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 40,04,312 रुपये कर दिया और साथ ही ब्याज की दर 9 से 15 प्रतिशत के बीच निर्धारित की। यह निर्णय प्रभावित परिवार के लिए राहत की बात थी, लेकिन NHAI ने इसे चुनौती देने का निर्णय लिया।















