Water released from Narora Dam: हरदोई में गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका

हरदोई जिले में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को नरौरा बांध से लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो अगले 60 घं
हरदोई जिले में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को नरौरा बांध से लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो अगले 60 घंटे के भीतर जनपद में पहुंचने की संभावना है। इस पानी के प्रवाह से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद गंगा नदी चेतावनी बिंदु को पार नहीं करेगी। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए कटियारी क्षेत्र के सिब्बापुरवा, सुलखामऊ, भुलभुलियापुर, मदनियापुरवा, जगन्नाथपुरवा, तिक्कापुरवा, दुलारपुर, शंकरपुरी, तिवारीपुरवा और बरगदापुरवा जैसे गांवों के ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से विभिन्न बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। उमरौली जैतपुर के जदुनाथ सिंह और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो इससे रामगंगा, कुंडा, गंभीरी और नीलम जैसी नदियों का जलस्तर भी प्रभावित हो सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता इं. एके चौधरी ने बताया कि राजघाट गेज पर गंगा का जलस्तर वर्तमान में चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर से लगभग 86 सेंटीमीटर नीचे 123.61 मीटर दर्ज किया गया है। इसी प्रकार, रामगंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.80 मीटर के मुकाबले 134.55 मीटर और गर्रा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 129.50 मीटर के सापेक्ष 127.40 मीटर दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और यदि जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात पूरी तरह सामान्य एवं नियंत्रण में हैं।
















