Bihar Government's Decision: 'सरकार ने केस वापस लिए, फिर भी जेल में क्यों संदीप सौरभ'

बिहार सरकार ने हाल ही में नीट पेपर लीक से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद, भाकपा (माले)
बिहार सरकार ने हाल ही में नीट पेपर लीक से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद, भाकपा (माले) ने आरोप लगाया है कि उनके विधायक संदीप सौरभ और कई छात्र प्रदर्शनकारी अभी भी पटना की बेऊर केंद्रीय जेल में बंद हैं। पार्टी का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद इनकी रिहाई नहीं हो रही है। इस मुद्दे पर भाकपा (माले) के नेताओं ने बुधवार को एक बार फिर से सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के बावजूद संदीप सौरभ और अन्य प्रदर्शनकारी जेल में क्यों हैं, यह एक गंभीर प्रश्न है। पुलिस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और जल्द ही रिहाई की उम्मीद है।
भाकपा (माले) ने यह भी बताया कि जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को मंगलवार को बेऊर जेल से रिहा किया गया, लेकिन छात्र संगठनों के कई नेता और अन्य प्रदर्शनकारी अब भी जेल में हैं। संदीप सौरभ को 22 जुलाई को पटना में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। एआईएसए (AISA) के कार्यकर्ता नौशाद अहमद ने कहा कि संदीप सौरभ की रिहाई के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "हम उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।"

















