Housing Survey in Sambhal: कच्चे मकान में नहीं रहेगा कोई मजबूर, BDO देंगे लिखित गारंटी

संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। हाल ही में जिले के कैला देवी क्षेत्र के गांव चंदनकटी मौजा में एक जर्जर मकान गिरने की घटना ने जिला प्रशासन को गंभीरता से विचार करने प
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। हाल ही में जिले के कैला देवी क्षेत्र के गांव चंदनकटी मौजा में एक जर्जर मकान गिरने की घटना ने जिला प्रशासन को गंभीरता से विचार करने पर मजबूर कर दिया है। इस घटना के बाद, जिला अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी जरूरतमंद परिवार को कच्चे या जर्जर मकान में रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़े। इसके लिए प्रशासन ने पूरे जिले में विशेष सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सभी विकास खंडों की ग्राम पंचायतों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे उन परिवारों की पहचान करें, जो आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में जीवन बिताने को विवश हैं। यह कदम उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो वर्षों से असुरक्षित आवास में रह रहे हैं और अब उन्हें बेहतर आवास की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत, शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 943 आवासों का लक्ष्य दिया है। लेकिन, डीआरडीए द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण में केवल 327 परिवार ही पात्र पाए गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने निर्णय लिया है कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा ताकि सभी पात्र परिवारों की सही पहचान की जा सके। यह पहली बार है जब शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले पात्र परिवारों की संख्या कम पाई गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इससे पहले, 2017 से 2025 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद के पांच हजार से अधिक परिवारों को पक्का घर मिल चुका है।



















