Basic Education Minister Sandeep Singh's Claim: उत्तर प्रदेश में बंद नहीं किया गया बेसिक शिक्षा विभाग का कोई भी स्कूल

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों के बंद होने के संबंध में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए आरोपों का प्रदेश सरकार ने स
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों के बंद होने के संबंध में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए आरोपों का प्रदेश सरकार ने सख्त जवाब दिया है। बुधवार को लोकसभा में अपने बयान में, अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य में 26,386 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। इस पर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी परिषदीय विद्यालय को बंद नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केवल कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों की निकटवर्ती विद्यालयों से पेयरिंग की गई है, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, पर्याप्त शिक्षक और संसाधन मिल सकें। यह कदम बच्चों की शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
संदीप सिंह ने आगे बताया कि पेयरिंग के बाद रिक्त हुए भवनों में पहली बार बाल वाटिकाओं और प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इससे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनके आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालय संचालित हैं और इनमें से एक भी विद्यालय बंद नहीं किया गया है। यह जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों की पेयरिंग का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं। शिक्षा बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो करीब 28 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके परिणामस्वरूप सरकारी विद्यालयों में नामांकन 1.34 करोड़ से बढ़कर लगभग 1.90 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, ड्रापआउट दर में भी कमी आई है, जो 19 प्रतिशत से घटकर केवल तीन प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में 19 आधारभूत सुविधाओं पर कार्य किया गया है और इन मानकों की उपलब्धि 36 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस प्रकार, प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।



















