British Era Bridge Inspection: गरमपानी में पुल की स्थिति का आकलन

गरमपानी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे को अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से जोड़ने वाले ब्रिटिश दौर के पुल का भविष्य तय करने क
गरमपानी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे को अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से जोड़ने वाले ब्रिटिश दौर के पुल का भविष्य तय करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की एक विशेष टीम ने पुल का निरीक्षण किया। इस पुल की स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि डबल लेन पुल के निर्माण के बाद अब इस पुराने पुल पर आवाजाही बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुल की स्थिति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और इसके बाद ही पुल को हटाने या सुरक्षित रखने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। यह पुल वर्ष 1887 में कोसी नदी पर बनाया गया था, जिसकी लंबाई लगभग 64 मीटर है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस पुल की बुनियाद में उड़द की दाल और चूने के गारे का उपयोग किया गया था, जो उस समय की अद्वितीय तकनीक का प्रतीक है। इस पुल ने लंबे समय तक लोगों की सेवा की है, लेकिन अब इसकी स्थिति कमजोर हो गई है।
पुल की स्थिति का आकलन करने के लिए सोमवार को लोनिवि के अपर सहायक अभियंता महेंद्र कंबोज, चेतन रावत और अवर अभियंता बबीता डंगवाल ने पुल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल के रैंप, बुनियाद और पुल में लगे लोहे के गार्डर का जायजा लिया। महेंद्र कंबोज ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और उनके निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुल को सुरक्षित रखने या हटाने का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। इस प्रकार, पुल के भविष्य को लेकर मंथन जारी है और सभी संबंधित अधिकारी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं।
















