Bulldozer action on Mahishmati River: महिष्मति नदी से हटे अवैध कब्जे, जानें प्रशासन की योजना

संभल जिले में पौराणिक महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व टीम ने नदी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए ब
संभल जिले में पौराणिक महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व टीम ने नदी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर का सहारा लिया है। यह कार्रवाई किसानों और ईंट-भट्ठा संचालकों के कब्जे से नदी की जमीन को मुक्त कराने के उद्देश्य से की जा रही है। नदी की भूमि की पैमाइश के साथ-साथ इसके मूल स्वरूप को वापस लाने के लिए खोदाई का कार्य भी किया जा रहा है। डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर तहसील संभल में नदियों के प्रवाह के सत्यापन और उनके पुनरुद्धार की प्रक्रिया को तेज किया गया है। एसडीएम विकास चंद्र ने महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के लिए एक टीम का गठन किया था, जो अब इस कार्य में जुटी हुई है।
गांव खग्गूपुरा, हबीबपुर, रसूलपुर सराय, नरोत्तम सराय और बदायूं दरवाजा में नदी की खोदाई कराकर उसके अस्तित्व को पुनः स्थापित करने की योजना बनाई गई है। महिष्मति नदी की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर है और यह प्राचीन काल में चंदायन तक फैली हुई थी। लेकिन वर्तमान में इसका अधिकांश हिस्सा नाले के रूप में तब्दील हो चुका है। प्रशासन की पैमाइश में कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण भी सामने आया है। अब तक करीब दो हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है, जिससे नदी के पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इसके बाद ग्राम पंचायत की मदद से समतल की गई भूमि की खोदाई कराकर नदी की चौड़ाई और गहराई को पुराने स्वरूप में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रशासन की योजना महिष्मति नदी को भवानीपुर स्थित सोत नदी से जोड़ने की भी है। महिष्मति नदी का धार्मिक महत्व भी है, इसे गंगा की एक धारा माना जाता है और प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की धार्मिक विरासत से जुड़ी इस नदी के पुनरुद्धार से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। गुरुवार को राजस्व की टीम ने गांव खग्गूपुरा, हबीबपुर और रसूलपुर सराय पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कब्जा की गई भूमि पर किसानों द्वारा फसल कर रखी थी, जिसे बुलडोजर की मदद से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
















