Central Secretariat Club Eviction: 105 साल पुराने क्लब की मान्यता रद करने का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंचा

नई दिल्ली में स्थित सेंट्रल सेक्रेटेराइट क्लब, जो कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए 105 वर्षों से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है, ने अ
नई दिल्ली में स्थित सेंट्रल सेक्रेटेराइट क्लब, जो कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए 105 वर्षों से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है, ने अपनी मान्यता रद किए जाने और परिसर खाली कराने की कार्रवाई को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। क्लब ने अपनी याचिका में कहा है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) का यह निर्णय मनमाना और कानून के विपरीत है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। क्लब का कहना है कि उसे अदालत के निर्देश पर गठित समीक्षा समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर मिला था, लेकिन इसके बावजूद उसकी दलीलों पर उचित विचार नहीं किया गया। इस कारण क्लब ने इस निर्णय और बेदखली की कार्रवाई को रद करने की मांग की है।
केंद्र सरकार ने क्लब की मान्यता रद करने के पीछे कई कारण बताए हैं। सरकार का कहना है कि क्लब में लंबे समय से प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही थीं। क्लब के कार्यकारिणी के चुनाव समय पर नहीं कराए गए, और प्रबंधन समिति संविधान के अनुरूप नहीं थी। इसके अलावा, क्लब अपने मूल कल्याणकारी उद्देश्यों को पूरा करने में भी विफल रहा है। इन सभी कारणों से डीओपीटी ने क्लब की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। क्लब की मान्यता रद करने का यह मामला तीसरी बार सामने आया है, जब शासन संबंधी मुद्दों के कारण डीओपीटी ने ऐसा कदम उठाया है।
















