Protest by Pappu Yadav: भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने पर संतों की नाराजगी

हरिद्वार से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, संसद परिसर में 'चंदा चोरी' के मुद्दे पर सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन ने एक नया वि
हरिद्वार से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, संसद परिसर में 'चंदा चोरी' के मुद्दे पर सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना के बाद संत समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार की शाम को हरिद्वार के जूना अखाड़े में संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी (निरंजनी) सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। बैठक में संतों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और सांसद पप्पू यादव से माफी मांगने की मांग की। संतों का कहना है कि भगवा वस्त्र सनातन धर्म की परंपरा और गरिमा का प्रतीक है, और इसका राजनीतिक प्रदर्शन करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। संत समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पप्पू यादव सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि भगवा वस्त्र का उपयोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद का यह कृत्य न केवल सनातन धर्म बल्कि संत समाज की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। संतों ने यह निर्णय लिया है कि यदि पप्पू यादव माफी नहीं मांगते हैं, तो उन्हें गधे पर बैठाकर घुमाने का प्रतीकात्मक विरोध किया जाएगा। यह निर्णय किसी व्यक्तिगत दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि सनातन धर्म और संत परंपरा के सम्मान की रक्षा के लिए लिया गया है।
















