CJI Surya Kant's Strong Statement: मुकदमों की देरी पर CJI सूर्यकांत सख्त, कहा- सभी साथ दें तो एक साल में निपट सकते हैं केस

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (cji) सूर्यकांत ने हाल ही में मुकदमों के त्वरित निपटारे को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया म
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में मुकदमों के त्वरित निपटारे को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग अनिवार्य है। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि जब तक न्यायिक अधिकारी, अदालत और पीठासीन अधिकारी को मामले से जुड़े सभी पक्षों का पूरा सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक नियमित सुनवाई और मुकदमों का शीघ्र निपटारा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों को समय पर निपटाने के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। न्यायिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुकदमे की सुनवाई निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो जाए।
CJI सूर्यकांत ने यह भी बताया कि मामलों के त्वरित निपटारे में जांच की गुणवत्ता का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण, दस्तावेजी सबूत, मौखिक गवाही और फॉरेंसिक रिपोर्ट का समय पर प्रस्तुत होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन सभी तत्वों के सही तालमेल से ही न्याय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है। उन्होंने वकीलों और कोर्ट स्टाफ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। सुनवाई की प्रक्रिया में बार एसोसिएशन के सहयोग पर जोर देते हुए CJI ने कहा कि वकील मुख्य रूप से बचाव पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं और कुछ मामलों में शिकायतकर्ताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए ट्रायल प्रक्रिया में उनका सहयोग बहुत आवश्यक है।
















