Exclusive: 'कोई राजनीतिक पार्टी जॉइन नहीं करेंगे, बनाएंगे रिस्पॉन्स ग्रुप', CJP संस्थापक ने भविष्य की रणनीति का किया खुलासा

कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पेपर लीक संशोधन कानून, छात्रों के आंदोलन और सरकार के साथ बातचीत पर अपने विचार सा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पेपर लीक संशोधन कानून, छात्रों के आंदोलन और सरकार के साथ बातचीत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संसद में पास हुआ पेपर लीक अमेंडमेंट बिल असल में पेपर लीक रोकने के बजाय, लीक हो जाने के बाद की स्थिति को संभालने पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल की सजा को चार साल से बढ़ाकर दस साल करने का निर्णय सरकार की पूर्वधारणा को दर्शाता है कि पेपर लीक होना निश्चित है। उनका मानना है कि सरकार को पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि लीक के बाद के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के फास्ट-ट्रैक कोर्ट के वादे पर भी सवाल उठाया और कहा कि जब तक सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं होती, तब तक कानून बनाने का कोई अर्थ नहीं है।
इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने सरकार के साथ बातचीत की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर सरकार से कोई ठोस जवाब नहीं आया है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार रातोंरात करोड़ों रुपये का इंतज़ाम कर सकती है, तो पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और विभाग के सचिवों का बदलना सरकार के दबाव में उठाए गए कदम हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का स्पष्ट बयान देना चाहिए, अन्यथा वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अभिजीत दीपके ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों का कोई सीधा हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल अधिकांश लोग पहली बार प्रदर्शन में आए थे और यह पूरी तरह से जनता द्वारा संचालित था। इसके अलावा, उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि राजनीतिक दल अपनी राजनीति करते रहें, लेकिन उनका आंदोलन स्वतंत्र और जनहित में है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश में हर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, लेकिन यह देश आंदोलनों से ही बना है।
















