Communal Violence in Nepal: नेपाल के छह शहरों में फैली सांप्रदायिक हिंसा की आग

नेपाल के सुनसरी में हाल ही में भड़की सांप्रदायिक हिंसा अब कई अन्य शहरों तक फैल चुकी है। इस हिंसा के कारण कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और पुलिस के साथ झड़प की घ
नेपाल के सुनसरी में हाल ही में भड़की सांप्रदायिक हिंसा अब कई अन्य शहरों तक फैल चुकी है। इस हिंसा के कारण कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं देखने को मिली हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आधे दर्जन शहरों में कर्फ्यू का आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि देवानगंज में बोलबम यात्रा के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था। इस विवाद की जड़ में मंदिर की सार्वजनिक भूमि पर मुहर्रम के अवसर पर लगाया गया मजहबी झंडा हटाने को लेकर चल रहा विवाद था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद झंडा नहीं हटाया गया, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बीते रविवार की रात को कांवड़ यात्रा की शुरुआत के समय अचानक कांवड़ियों पर हमला कर दिया गया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई। इस दौरान पथराव और झड़प की घटनाओं के बीच पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का उपचार अस्पतालों में चल रहा है। घटना के बाद से पूरे देवानगंज और आसपास के क्षेत्रों में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई है। इस बीच, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुनसरी जिले में उत्पन्न विषम परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सदियों से कायम सामाजिक, धार्मिक और जातीय सौहार्द, सहिष्णुता, आपसी मेल-मिलाप, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की अपील की है। राष्ट्रपति ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सुनसरी में शुरू हुई हिंसा अब कई अन्य शहरों तक फैल गई है। प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें कई शहरों में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी निगरानी रखी गई है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने इनरवा, जनकपुर, सिरहा, गोलबाजार, लहान सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगाया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के साथ सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को भी तैनात किया गया है। कई स्थानों पर सेना ने फ्लैग मार्च किया है, जबकि हवाई निगरानी के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है। इस प्रकार, नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा की आग ने कई शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
















