Construction controversy in Bateshwar: अखिलेश यादव ने बटेश्वर कॉरिडोर निर्माण पर सरकार को घेरा, भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

आगरा से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जहाँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बटेश्वर कॉरिडोर के निर्माण कार्य पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए भ्र
आगरा से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जहाँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बटेश्वर कॉरिडोर के निर्माण कार्य पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मिट्टी पर सीधे प्लेन सीमेंट कांक्रीट (पीसीसी) डालने का काम किया जा रहा है, जो कि भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर 'अटल प्रोग्रेस वे' की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर बटेश्वर कॉरिडोर के निर्माण कार्य की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह भ्रष्टाचार का एक साक्षात प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण में खराब कांक्रीट और पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है और कई बार डिजाइन में खामियों की लिखित शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
इस बीच, निर्माणदायी संस्था ने अखिलेश यादव के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं को कीचड़ से बचाने के लिए पीसीसी डालने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सावन के बाद कोबल स्टोन बिछाने का कार्य किया जाएगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने जानकारी दी कि यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा बटेश्वर धाम कांप्लेक्स में नवनिर्मित गेट संख्या एक और बिटुमिन मार्ग के मध्य करीब छह मीटर दूरी तक 150 एमएम सीसी का आधार प्रदान करते हुए 100 एमएम रेड स्टोन कोबल लगाया जाएगा।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि जब कोई ईमानदार नागरिक अपनी बात रखता है, तो उसे धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 'अटल प्रोग्रेस वे' बनाने का वादा किया था, लेकिन अब जनता पूछ रही है कि क्या यह भी एक जुमला था। उन्होंने यह भी कहा कि 28 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए कच्चे स्थान को पक्का करने की मांग की गई थी। इस अनुरोध के बाद कच्चे स्थान पर अस्थाई रूप से बेस कांक्रीट डाली गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को बरसात में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। श्रावण मास के बाद परियोजना के आंतरिक मार्गों पर नियमानुसार कोबल स्टोन से पाथवे बनाया जाएगा।
















