Convicted for Rape in Shravasti: युवती से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का सश्रम कारावास

श्रावस्ती जिले में एक युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इ
श्रावस्ती जिले में एक युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि दोषी ने जुर्माना नहीं भरा, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला तब सामने आया जब युवती 24 अगस्त 2020 को शौच के लिए खेत में गई थी। इस दौरान गिलौला क्षेत्र के पठानपुरवा गांव निवासी राजा उर्फ राजन ने उसका मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती की शिकायत पर गिलौला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अवनीश गौतम ने राजा उर्फ राजन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाए।
इस मामले के अलावा, एक अन्य मामले में सिरसिया थाने की पुलिस ने 21 जून को गंजरी नाले के पास से एक चरस तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भिनगा क्षेत्र के मछरिहवा गांव निवासी महताब को गिरफ्तार किया, जिसके पास से पांच किलो 270 ग्राम चरस बरामद किया गया। चरस बाइक की टंकी पर रखे लाल रंग के झोले में छिपाकर रखा गया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एडीजे अमित प्रजापति ने सुनवाई के बाद महताब की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस ने यह संदेश दिया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रावस्ती में दुष्कर्म और नशे के मामलों में बढ़ती घटनाओं ने समाज में चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे। न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए पीड़िता के परिजनों ने कहा कि उन्हें न्याय मिला है, लेकिन वे चाहते हैं कि ऐसे मामलों में और भी सख्त कानून बनाए जाएं। इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पुलिस प्रशासन ने भी इस दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
















