Strict Action on Invalid Madrasas: बंगाल में अब अमान्य मदरसों पर होगी सख्ती, जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अमान्य मदरसों की पहचान के लिए गठित विशेष टीमों ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य के अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अमान्य मदरसों की पहचान के लिए गठित विशेष टीमों ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य के अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा विभाग को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में इन मदरसों के वित्तीय स्रोतों की गहन जांच कराने की सिफारिश की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच टीमों ने पाया कि ये संस्थान केवल स्थानीय स्तर से ही नहीं, बल्कि विभिन्न संगठनों से भी आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं। इस संदर्भ में धन के स्रोत और उसके प्रवाह का पता लगाने के लिए विशेष जांच एजेंसियों की सेवाएं लेने की अनुशंसा की गई है।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार ने 12 जिलों में अमान्य मदरसों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक सर्वेक्षण कराया है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे अधिकांश अमान्य या खारिजी मदरसे भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। यह जानकारी रिपोर्ट में विशेष रूप से उल्लेखित की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इन मदरसों की गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अब इस रिपोर्ट का गहन अध्ययन करेगी और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। यह कदम राज्य में मदरसा शिक्षा प्रणाली को सुधारने और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए उठाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में राज्य सरकार की मंशा है कि वह सभी मदरसों की वैधता और उनके वित्तीय स्रोतों की पारदर्शिता सुनिश्चित करे, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।



















