Court's Ruling on Brij Bhushan Sharan: बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से मिली राहत, आरोप झूठे और राजनीतिक बताएं गए

2023 में महिला पहलवानों द्वारा बीजेपी नेता और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (wfi) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। 3 साल
2023 में महिला पहलवानों द्वारा बीजेपी नेता और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। 3 साल बाद, 3 अगस्त को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी कर दिया। हालांकि, कोर्ट के आदेश की कॉपी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन सिंह के वकील को मिली आदेश की कॉपी के अनुसार, कोर्ट ने महिला पहलवानों के आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया है।
कोर्ट का आदेश, जो कभी सार्वजनिक नहीं किया गया, यह दर्शाता है कि जिन दो पहलवानों के आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ केस का आधार बना था, वे अपने बयान से मुकर गईं और अभियोजन के दावों का समर्थन नहीं किया। जानकारी के अनुसार, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने अपने आदेश में कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप पहले से सोचे-समझे और प्लांटेड लगते हैं, खासकर जब शिकायतें लंबे समय के बाद दर्ज कराई गई हों।
कोर्ट ने यह नतीजा निकाला कि आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। एक पहलवान, जिसने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, ने बयान दिया कि यह आरोप एक पुरुष पहलवान और महादेव एकेडमी के कोचों के कहने पर लगाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि WFI के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के यौन शोषण के आरोप झूठे और राजनीतिक से प्रेरित लगते हैं। आरोप लगाने वाली दो पहलवान अपने बयान से पलट गईं और उनका बयान सरकारी केस को पूरी तरह से गलत साबित करता है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोप एक पुरुष पहलवान और महादेव एकेडमी के कोचों के कहने पर लगाए गए, जो गहरी साजिश और राजनीति से प्रेरित थे। दोनों को शुरू से ही पीड़ित बताया गया था, लेकिन वे कोर्ट के सामने पेश हुए और उनकी काउंसलिंग की गई। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि उन्होंने साफ तौर पर माना कि उनके साथ कोई यौन उत्पीड़न नहीं किया गया।















