Court Orders Action on Foreign Monasteries in Bodh Gaya: पटना हाई कोर्ट ने बोधगया के विदेशी मठों पर कार्रवाई के निर्देश दिए

पटना हाई कोर्ट ने बोधगया में विभिन्न देशों द्वारा निर्मित मठों और धर्मशालाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्थानीय निकाय को आदेश दिया है कि वे शेष 67 मठ
पटना हाई कोर्ट ने बोधगया में विभिन्न देशों द्वारा निर्मित मठों और धर्मशालाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्थानीय निकाय को आदेश दिया है कि वे शेष 67 मठों और धर्मशालाओं को नोटिस जारी करें और उनका पक्ष सुनने के बाद उचित कार्रवाई करें। यह निर्णय बोधगया होटल एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया। कोर्ट ने कहा कि संरक्षित पुरातात्विक स्मारकों के 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण अनुमेय नहीं है। इसके बावजूद, विभिन्न देशों द्वारा 81 मठ और धर्मशालाएं इस क्षेत्र में निर्मित की गई हैं, जिनका उपयोग यात्रियों के ठहराव और अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इन निर्माणों ने कानून का उल्लंघन किया है।
स्थानीय निकाय ने कोर्ट को बताया कि जांच में पांच निर्माण नियमों के अनुरूप पाए गए हैं, जबकि 15 निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि शेष 67 मठों और धर्मशालाओं को भी नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद विधि के अनुसार कार्रवाई की जाए। इस मामले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र के बाहर किए गए निर्माण भवन उपविधियों का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश बोधगया में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां विदेशी मठों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
















