Conviction in Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर में आठवीं की छात्रा से दरिंदगी करने वाले को 20 साल की सजा

मुजफ्फरपुर, बिहार में एक दिल दहला देने वाली घटना में, तुर्की थाना क्षेत्र की एक आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के दोषी मुकेश कुमार राय को विशेष कोर्
मुजफ्फरपुर, बिहार में एक दिल दहला देने वाली घटना में, तुर्की थाना क्षेत्र की एक आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के दोषी मुकेश कुमार राय को विशेष कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। मुकेश ने छात्रा को टेडी बीयर दिलाने का झांसा देकर कार में अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विशेष न्यायाधीश नूर सुल्ताना ने इस मामले में सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी को पाक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। यदि वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा, बीएनएस की धारा के तहत भी उसे एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यदि वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला तब सामने आया जब छात्रा के पिता और ग्रामीणों ने आरोपी की गाड़ी पर पथराव किया, जब उन्होंने देर रात छात्रा को कार से उतरते देखा।
इस घटना की जांच के दौरान, विशेष लोक अभियोजक राजीव रंजन राजू ने गवाहों और साक्ष्यों को पेश किया, जिससे न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ सख्त सजा सुनाने का निर्णय लिया। छात्रा के पिता ने 31 मई 2025 को अपनी बेटी के साथ हुई घटना की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकेश ने छात्रा को टेडी बीयर दिलाने का झांसा देकर उसे एनएच-28 पर एक सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपित को पकड़ने के लिए इश्तेहार भी चस्पा किया था। मुकेश ने 5 जून 2025 को विशेष कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
इस मामले में तुर्की थाने में शिकायत लेने से इनकार करने के कारण एसएसपी ने तुर्की थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। फोरेंसिक जांच में मुकेश का डीएनए पीड़िता के स्वाब के नमूने से मेल खा गया था, जिससे उसकी संलिप्तता साबित हुई। यह मामला न केवल समाज में बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्याय प्रणाली कैसे काम करती है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा की है और सभी की नजरें अब न्यायालय के फैसले पर हैं। इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
















