Fact Check: नेपाल में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के नहीं, ये वीडियो बांग्लादेश के हैं

नेपाल में हाल ही में धार्मिक जुलूस के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद के चलते देशभर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी है। इस हिंसा की घटनाएं मुख्य रूप
नेपाल में हाल ही में धार्मिक जुलूस के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद के चलते देशभर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी है। इस हिंसा की घटनाएं मुख्य रूप से नेपाल के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में देखी गई हैं। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें से कुछ वीडियो ऐसे भी हैं, जो नेपाल से संबंधित नहीं हैं। इस लेख में हम ऐसे ही दो वीडियो का विश्लेषण करेंगे, जिन्हें कुछ उपयोगकर्ताओं ने साझा किया है और दावा किया है कि ये वीडियो नेपाल में हाल ही में हुई हिंसा में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार को दर्शाते हैं।
पहला वीडियो, जिसमें कुछ लोग हाथ में लाठी-डंडे लिए हुए एक-दूसरे पर हमला करते हुए नजर आ रहे हैं, बांग्लादेश के गुलिस्तान का है। इस वीडियो को साझा करते हुए एक उपयोगकर्ता ने लिखा, "नेपाल में हिंदू भाइयों ने मौज कर दी। हम उनके साथ हैं।" वीडियो के कीफ्रेम्स की रिवर्स सर्च करने पर हमें यह जानकारी मिली कि यह वीडियो AL Madina TV के 4 जुलाई के फेसबुक पोस्ट में साझा किया गया था। पोस्ट के अनुसार, यह घटना बांग्लादेश की है, जहां बीएनपी और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने जमात के सदस्यों पर हमला किया था। गुलिस्तान, ढाका का एक रिहायशी इलाका है, जहां वर्तमान में बीएनपी की सरकार है।
दूसरा वीडियो, जिसमें कुछ बच्चे एक आदमी को पेड़ से बांधकर थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं, भी बांग्लादेश का है। इस वीडियो को एक व्यक्ति ने एक्स पर साझा करते हुए लिखा, "इस समय नेपाल में मुस्लिम होना कितना मुश्किल है। बड़ा ज़ुल्म हो रहा है जनाब।" वीडियो में MD.SOIMUL नाम का एक यूजर नजर आता है, जिसने इसे 15 जुलाई को पोस्ट किया था। हालांकि वीडियो के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह बांग्लादेश का एक अकाउंट है। वीडियो के लंबे वर्जन में एक मस्जिद भी दिखाई देती है, जिस पर बांग्ला में 'दक्षिण भिंगलाबाड़ी केंद्रीय जामे मस्जिद' लिखा हुआ है। भिंगलाबाड़ी, बांग्लादेश के कोमिला जिले में स्थित है। गूगल मैप्स पर भी इस स्थान की पुष्टि की जा सकती है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि ये वीडियो नेपाल में हुई किसी घटना से संबंधित नहीं हैं।
















