Crackdown on Fake Attendance in Ayodhya: अयोध्या में फर्जी हाजिरी वालों पर शिकंजा, अब तक दो हजार श्रमिक नहीं दे सके जीवित होने का प्रमाण

अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना (वीबीजी-राम जी) के तहत फर्जी उपस्थिति और प्राक्सी मजदूरों पर लगाम कसने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी
अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना (वीबीजी-राम जी) के तहत फर्जी उपस्थिति और प्राक्सी मजदूरों पर लगाम कसने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया को लागू किया गया है। यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें विकासखंड रुदौली में पंजीकृत 20,223 सक्रिय मजदूरों में से करीब 18,200 श्रमिकों की ई-केवाईसी जून माह में ही पूरी कर ली गई है। हालांकि, 2,023 जॉब कार्ड धारक अब भी जीवित होने का प्रमाण नहीं दे सके हैं, जिससे क्षेत्र में यह चर्चा उठ रही है कि जिन जॉब कार्डों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, उनमें से अधिकांश केवल फर्जी हाजिरी और भुगतान के लिए बनाए गए थे। विभाग ने इन अटकलों को खारिज किया है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।
खंड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शेष बचे जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी न होने के पीछे तकनीकी और दस्तावेजी कारण हैं। कई मजदूरों के आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि या अन्य विवरण में त्रुटियां पाई गई हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि कई जगह फेस आथेंटिकेशन और नेटवर्क संबंधी तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन कमियों को दूर कर सभी पात्र मजदूरों की ई-केवाईसी पूरी कराई जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत कार्यस्थल पर ही आधार फेस प्रमाणीकरण के जरिए यह सत्यापित किया जाता है कि जाब कार्डधारक स्वयं काम कर रहा है। यदि वास्तविक मजदूर उपस्थित नहीं होगा तो फेस आथेंटिकेशन असफल हो जाएगा, जिससे न उपस्थिति दर्ज होगी और न ही मजदूरी का भुगतान होगा। इस प्रक्रिया से फर्जी हाजिरी, प्राक्सी मजदूर और भुगतान में गड़बड़ी की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। यह कदम न केवल रोजगार योजनाओं की पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
















