Crocodile Encounter: बाथरूम में 7 फीट का मगरमच्छ मिला

गुजरात के आणंद जिले के सोजित्रा तालुका के त्रंबोवाड-खड़ियारापुरा इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। रात के लगभग 11 बजे, जब पूरा परिवार गहरी नींद
गुजरात के आणंद जिले के सोजित्रा तालुका के त्रंबोवाड-खड़ियारापुरा इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। रात के लगभग 11 बजे, जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी अचानक घर के बाहर कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी। पहले तो मकान मालिक बालाभाई चौहान ने सोचा कि शायद कोई राहगीर या जानवर होगा, लेकिन जब कुत्तों का भौंकना बंद नहीं हुआ, तो उन्होंने बाहर जाकर देखने का निर्णय लिया। जैसे ही उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला, उनके होश उड़ गए। बाथरूम के अंदर एक 7 फीट लंबा मगरमच्छ बैठा था, जो कि किसी भी व्यक्ति के लिए एक खतरनाक स्थिति थी। इस घटना ने पूरे परिवार में अफरा-तफरी मचा दी।
घबराए हुए परिजनों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग के कर्मचारियों ने तेजी से कार्रवाई की और निलेश भरवाड़ और मनीष प्रजापति की देखरेख में दया फाउंडेशन की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम में नितेश चौहान और वॉलंटियर तुषार राणा भी शामिल थे। बाथरूम जैसी संकरी जगह में मगरमच्छ को पकड़ना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने एक घंटे की मेहनत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। यह रेस्क्यू एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन टीम ने अपनी दक्षता और साहस का परिचय दिया।
रेस्क्यू के बाद, मगरमच्छ को पास के मलातज गांव के तालाब में छोड़ दिया गया। दया फाउंडेशन के अध्यक्ष नितेश चौहान ने बताया कि वन विभाग को सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अक्सर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि रात के समय सतर्क रहें और अगर कहीं मगरमच्छ दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
















