Vaibhav Suryavanshi appointed vice-captain: हर्षा भोगले ने उठाए सवाल, क्या है चयनकर्ताओं की सोच?

23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन ने अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को कप्तान बनाया
23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन ने अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को कप्तान बनाया गया है, जबकि बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उप-कप्तानी का जिम्मा सौंपा गया है। चयनकर्ताओं ने वैभव को उप-कप्तान बनाकर एक बड़ा दांव खेला है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुई चयन समिति की बैठक में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्य संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल रहा है, जिसमें बंगाल और झारखंड के खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आता है। महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी नेतृत्व जिम्मेदारी है। हाल के महीनों में उन्होंने आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) और सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर खूब सुर्खियां बटोरी हैं। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें ईस्ट जोन की उपकप्तानी के रूप में मिला है। हालांकि, रेड बॉल क्रिकेट में उनका अनुभव अभी सीमित है। यही वजह है कि इस फैसले पर क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इस फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा कि वैभव सूर्यवंशी को एक सीनियर रेड बॉल टीम का उप-कप्तान बनाने के पीछे क्या सोच है। उन्होंने 12 पारियां खेली हैं और 17.25 की औसत से 207 रन बनाए हैं। उसका टैलेंट असाधारण है, लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में अभी सीखने का लंबा सफर बाकी है और वह उसकी शुरुआती सीढ़ी पर हैं।' हर्षा भोगले के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग चयनकर्ताओं के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई का मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी देने से पहले वैभव को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में और अनुभव हासिल करना चाहिए।
















