Dairy Development Initiative: साहीवाल, थारपारकर जैसी गायों के पालन पर 12 लाख तक का अनुदान

सहारनपुर में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण डेयरी कान्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के 28 लाभार्थियों को म
सहारनपुर में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण डेयरी कान्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के 28 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत चयन और अनुमति पत्र प्रदान किए गए। सीडीओ सुमित राजेश महाजन ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य गांवों में सहकारी समितियों का गठन कर किसानों को दूध का उचित मूल्य दिलाना है। इसके साथ ही, स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने और उनकी नस्ल सुधारने पर जोर दिया जाएगा। इस योजना के तहत लाभार्थियों को गायों की खरीद पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। सीडीओ ने बताया कि इस योजना के तहत दो स्वदेशी गाय खरीदने पर अधिकतम 80,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 गायों की इकाई स्थापित करने पर 31.25 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसी प्रकार, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 गायों की इकाई पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च दूध उत्पादन पर 10 से 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
इस कार्यक्रम में उप दुग्धशाला विकास अधिकारी रामशरण, डेयरी सलाहकार डा. अशोक कुमार त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मनोज कुमार सिंह और पशुचिकित्सा अधिकारी डा. एमपी सिंह ने भी अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की। लाभार्थी आदित्य कुमार त्यागी ने स्वदेशी गौवंशियों से प्राप्त गौमूत्र और गोबर से तैयार किए जा रहे उत्पादों के साथ ही एंटी रेडीएशन चिप के बारे में जानकारी दी। इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा, बल्कि स्वदेशी गायों के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
















