Decision on Anganwadi Workers' Gratuity: आंगनवाड़ी कर्मियों की ग्रेच्युटी पर फैसला राज्यों का अधिकार

खूंटी से संवाद सहयोगी। केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा शर्तों और ग्रेच्युटी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। महिला एवं बाल विक
खूंटी से संवाद सहयोगी। केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा शर्तों और ग्रेच्युटी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती, सेवा शर्तें, सेवानिवृत्ति लाभ और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दे पूरी तरह से राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। केंद्र सरकार ने इस विषय पर कोई नया दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्यों को इस मामले में स्वतंत्रता दी गई है। सांसद कालीचरण मुंडा के प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं स्थानीय समुदाय की मानद कार्यकर्ता होती हैं, जिन्हें उनके कार्यों के बदले मानदेय दिया जाता है।
सावित्री ठाकुर ने आगे बताया कि 1 अक्टूबर 2018 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये और सहायिकाओं का 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। राज्य सरकारें अपने स्तर पर अतिरिक्त टॉप-अप राशि भी उपलब्ध करा सकती हैं। सरकार ने यह भी बताया कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत सभी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन प्रदान किए गए हैं और पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से उनके कार्यों का डिजिटलीकरण किया गया है।
















