High-tech Forensic Lab in Delhi: दिल्ली FSL में आधुनिक मशीनों से मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (fsl) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने इसकी आधारभूत संरचना और फॉरेंसिक जांच सुविधाओं की समीक्षा क
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने इसकी आधारभूत संरचना और फॉरेंसिक जांच सुविधाओं की समीक्षा की। सूद ने बताया कि अब FSL में मानव क्षमता और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियाँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला को स्टेट ऑफ दी आर्ट बनाने के लिए आवश्यक मशीनरी और वैज्ञानिक उपकरणों की प्राथमिकता के आधार पर खरीद की गई है। इस प्रक्रिया में 6 मोबाइल फॉरेंसिक वैन भी खरीदी गई हैं।
गृह मंत्री ने बताया कि नए न्याय संहिताओं के अनुसार घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली पुलिस की सभी 6 रेंजों और 15 जिलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की तैनाती की गई है। FSL को तकनीकी रूप से बढ़ावा देने के लिए e-Forensic 2.0 (ICJS) पोर्टल के माध्यम से e-Reporting की शुरुआत की गई है। इसके अलावा, न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही के लिए 25 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग साइट्स भी स्थापित की गई हैं।
सूद ने FSL की NABL Accreditation को अगले 4 वर्षों के लिए बढ़ाने की जानकारी दी और ILAC-MRA की मान्यता को एक वर्ष के लिए विस्तार देने का भी उल्लेख किया। उन्होंने FSL में लंबित मामलों में 72% की कमी के लिए प्रयोगशाला की सराहना की। 2025-26 के दौरान, FSL ने आपराधिक न्याय प्रणाली को वैज्ञानिक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
सूद ने कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया, जिसमें मानव संसाधन प्रबंधन, लचीले कार्य घंटे, और स्टाफ रोटेशन शामिल हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, FSL में नवंबर 2025 से प्रति माह 3,000 से अधिक मामलों की जांच क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जो देश की किसी भी फॉरेंसिक प्रयोगशाला द्वारा किए जा रहे सर्वाधिक निस्तारण में से एक है।
















