Discussion on Panchayat Delimitation: पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन की चर्चा तेज

दिघवारा (सारण) से संवाद सूत्र की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच, दिघवारा प्रखंड में आरक्षण के मुद्दे से ज्यादा पंचायत परिसीमन पर चर
दिघवारा (सारण) से संवाद सूत्र की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच, दिघवारा प्रखंड में आरक्षण के मुद्दे से ज्यादा पंचायत परिसीमन पर चर्चा हो रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया को मंजूरी दी है, जिसके बाद संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीणों की नजरें नई पंचायतों के गठन और सीमाओं के पुनर्निर्धारण पर टिकी हुई हैं। पहले पंचायत चुनावों में आरक्षण की संभावित सूची पर चर्चा होती थी, लेकिन इस बार ग्रामीणों की जिज्ञासा इस बात को लेकर है कि कौन-सा गांव किस पंचायत में शामिल होगा और किन क्षेत्रों को मिलाकर नई पंचायतों का गठन किया जाएगा। इस परिसीमन प्रक्रिया के चलते संभावित उम्मीदवार भी सक्रिय हो गए हैं और नई सीमाओं की जानकारी जुटाने के लिए प्रखंड मुख्यालय का दौरा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिसीमन के बाद प्रखंड में पंचायतों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, पंच और जिला परिषद सदस्य के पदों की संख्या भी बढ़ेगी। इससे नए दावेदारों के लिए चुनावी संभावनाएं भी बढ़ेंगी। प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि दिलीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कई पंचायतों की आबादी में काफी बदलाव आया है। इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए पंचायतों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाएगा, ताकि हर पंचायत में जनसंख्या का संतुलन बना रहे और ग्रामीणों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिल सके।
















