Finance Minister's Response: 14 हजार करोड़ रुपये के बकाया एरियर पर हरपाल चीमा का बयान

चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारियों के 14,191 करोड़ रुपये के बकाया एरियर के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि यह देनदारी
चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारियों के 14,191 करोड़ रुपये के बकाया एरियर के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि यह देनदारी पूर्व की सरकारों के कार्यकाल की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की मंजूरी के अनुसार इस बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से कर रही है। वित्त मंत्री ने बताया कि वेतन आयोग का गठन 2016 में किया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस रिपोर्ट को लागू करने में पांच साल का समय लिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले, यानी 2022 में, वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की गईं। चीमा के अनुसार, यह रिपोर्ट अकाली दल-भाजपा सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बकाया राशि का मुद्दा पूर्व सरकारों की देनदारी है।
हरपाल चीमा ने बताया कि 2016 से 2022 के बीच का एरियर मिलाकर कर्मचारियों का कुल बकाया 14,191 करोड़ रुपये बनता है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद सरकार ने अदालत के समक्ष एरियर भुगतान की एक चरणबद्ध योजना पेश की, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। वित्त मंत्री ने कहा कि अदालत से मंजूरी मिलने के बाद से सरकार पिछले तीन वर्षों से लगातार कर्मचारियों को एरियर का भुगतान कर रही है। उन्होंने बताया कि यह भुगतान का तीसरा वर्ष है और अब तक कर्मचारियों को लगभग 6,000 करोड़ रुपये का एरियर जारी किया जा चुका है।
चीमा ने यह भी कहा कि सरकार हाई कोर्ट के निर्देशों और स्वीकृत भुगतान योजना के अनुसार शेष राशि का भी चरणबद्ध तरीके से भुगतान करती रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। वित्त मंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा सरकार पूर्व सरकारों की जिम्मेदारियों को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान समय पर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
















