Action against fake doctor in Himachal: बिना लाइसेंस क्लीनिक चला रहा था झोलाछाप डॉक्टर

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है, जो बिना लाइसेंस के अवैध रूप से एलोपैथिक दवाओं की बिक्री कर र
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है, जो बिना लाइसेंस के अवैध रूप से एलोपैथिक दवाओं की बिक्री कर रहा था। यह कार्रवाई तब की गई जब ड्रग इंस्पेक्टर रीना कुमारी को पौड़ाकोठी में बिना लाइसेंस क्लीनिक चलाने की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद खाद्य एवं औषधि विभाग, स्थानीय पुलिस और स्वतंत्र गवाहों की एक संयुक्त टीम ने इस क्लीनिक पर छापा मारा। इस छापे के दौरान टीम की सदस्य मंजू देवी ने मरीज बनकर क्लिनिक से दवाएं खरीदीं, जिसके बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। क्लिनिक के संचालक ने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी संजीत कुमार राय के रूप में बताई। जब टीम ने क्लिनिक की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, सिरप, गोलियां, कैप्सूल, इंजेक्शन और सिरिंज बरामद हुए। यह सब कुछ अवैध तरीके से संचालित हो रहा था।
इस मामले में संजीत कुमार राय ने न तो दवा बिक्री का वैध लाइसेंस प्रस्तुत किया और न ही कोई रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) प्रमाणपत्र दिखा सका। जब टीम ने दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड मांगे, तो वह केवल कुछ रसीदें ही दिखा सका। यह स्पष्ट है कि यह औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत गंभीर उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए जब्त की गई दवाओं और दस्तावेजों की कस्टडी ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जब्त सामग्री की फोटोग्राफी कर विस्तृत सूची तैयार की जाए और न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना इन्हें नष्ट न किया जाए।



















