Elephant Swept Away by Flood: ओडिशा में कांवड़ियों के शोर से घबराया हाथी, उफनती महानदी में बहकर 50 किमी दूर कटक पहुंचा

जागरण संवाददाता, अनुगुल। नयागढ़ जिले के खंडपड़ा ब्लॉक के कंटिलो क्षेत्र के निवासियों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। पिछले एक महीने से जंगल और आसपास के गांवों मे
जागरण संवाददाता, अनुगुल। नयागढ़ जिले के खंडपड़ा ब्लॉक के कंटिलो क्षेत्र के निवासियों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। पिछले एक महीने से जंगल और आसपास के गांवों में आतंक का कारण बने दंतैल हाथी ने अब इस क्षेत्र को छोड़ दिया है। हालांकि, उसके जाने की कहानी बेहद नाटकीय रही। बोलबम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और शोरगुल से घबराकर हाथी महानदी में उतर गया और बाढ़ के तेज बहाव में बहते हुए कटक जिले के भत्तरिका वन क्षेत्र तक पहुंच गया। वन विभाग के अनुसार, यह हाथी अनुगुल जिले के सतकोसिया परिदृश्य से भटककर कंटिलो के जंगलों में पहुंचा था और पिछले कई सप्ताह से आसपास के गांवों में लगातार विचरण कर रहा था। रविवार शाम उसे बड़ बाणपुर ग्राम पंचायत के नुआगांव जंगल में देखा गया। देर रात वह नीलमाधव मंदिर के पश्चिमी द्वार स्थित गंगामाता घाट तक पहुंच गया। उस समय श्रावण मास की बोलबम यात्रा के कारण घाट और बाजार क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ और तेज शोर से घबराकर हाथी सीधे महानदी में उतर गया। नदी में बाढ़ और तेज धारा होने के कारण वह बहाव में बह गया। सूचना मिलते ही वन विभाग ने ड्रोन की मदद से उसकी निगरानी शुरू की। लगातार ट्रैकिंग के बाद बुधवार रात को अधिकारियों ने पुष्टि की कि हाथी बहते-बहते कटक जिले के बड़ंबा वन परिक्षेत्र के भत्तरिका क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच गया है। लगातार बारिश के कारण ओडिशा की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बाढ़ के चलते वन्यजीवों के बहकर नए इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल ही में कटक के नराज क्षेत्र में ऊदबिलाव दिखाई दिए, जबकि ब्राह्मणी नदी और महानदी की सहायक नदियों में मगरमच्छों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। वन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।
















