Encounter in Kairana: फुरकान का खौफ खत्म, कानून का राज लौटा

कैराना की गलियों में एक बार फिर से कानून का राज स्थापित हुआ है। कुख्यात अपराधी फुरकान, जो कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश था, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह वही
कैराना की गलियों में एक बार फिर से कानून का राज स्थापित हुआ है। कुख्यात अपराधी फुरकान, जो कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश था, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह वही कैराना है, जहां अपराधियों ने दहशत फैला रखी थी और पलायन की घटनाएं आम हो गई थीं। 16 अगस्त 2014 को कैराना के मुख्य चौक बाजार में किराना व्यापारी विनोद कुमार सिंघल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उनके परिवार को पलायन करना पड़ा था। यह घटना उस समय की थी जब रंगदारी न देने पर व्यापारी को निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने इस मुद्दे को उठाया था, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई थी। हाल के वर्षों में जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, तो कानून-व्यवस्था में सुधार आया और पलायन करने वाले परिवारों ने वापस लौटने का निर्णय लिया। अब वे पुलिस सुरक्षा में अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2021 में कैराना का दौरा किया था, जहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की थी जो वापस लौटे थे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत विनोद सिंघल की बेटी कनक से भी बातचीत की थी। कनक ने मुख्यमंत्री से कहा था कि जब आप हैं तो डर कैसा, लेकिन उसने यह भी बताया कि उसने हाल ही में फुरकान को अपनी गली के बाहर देखा था। यह बयान कानून-व्यवस्था के लिए एक सीधी चुनौती थी। मुख्यमंत्री ने कनक की बात को गंभीरता से लिया और अपराधियों को चेतावनी दी। इसके महज 48 घंटे बाद फुरकान ने अपनी जमानत निरस्त कराई और जेल में खुद को सुरक्षित समझा। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री की जीरो टालरेंस नीति प्रभावी है।
















