Fake Passport Gang: गोरखपुर को क्यों बना रहे थे निशाना, जांच जारी

गोरखपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गैंग की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। हाल ही में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह गैंग बार-बार गो
गोरखपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गैंग की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। हाल ही में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह गैंग बार-बार गोरखपुर के लच्छीपुर और गोरखनाथ क्षेत्र का उपयोग कर रहा था। जांच में यह पता चला है कि इस क्षेत्र में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर स्थानीय पते, पुलिस सत्यापन और पासपोर्ट जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया को संचालित करता है। इस नेटवर्क की वजह से कई अपराधी देश छोड़ने में सफल रहे हैं। गोरखनाथ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क को अपने रडार पर ले लिया है और इसकी जांच कर रहे हैं।
स्थानीय एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क मोटी रकम लेकर फर्जी आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करता है। चर्चा है कि एक फर्जी पहचान तैयार कराने और पासपोर्ट बनवाने के लिए पांच से दस लाख रुपये या उससे अधिक की वसूली की जाती है। इसके बाद स्थानीय पते और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराकर पासपोर्ट जारी किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया है कि लच्छीपुर और गोरखनाथ क्षेत्र के सीमित पतों का उपयोग कर कई अलग-अलग लोगों के पासपोर्ट तैयार किए गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं एक ही मोबाइल नंबर, दस्तावेज या गवाहों का बार-बार उपयोग तो नहीं किया गया।

















