Farmers Climbing Water Tank in Balrampur: यूरिया पाने के लिए 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ रहे किसान

बलरामपुर में यूरिया की कमी और वितरण में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को अपनी जान जोखिम में डालकर 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ रहा है। बी-पैक्स सहकारी स
बलरामपुर में यूरिया की कमी और वितरण में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को अपनी जान जोखिम में डालकर 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ रहा है। बी-पैक्स सहकारी समिति कोहड़ौरा में यह स्थिति देखने को मिली, जहां किसानों को पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने के लिए सीढ़ियों पर चढ़ना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल खतरनाक है, बल्कि इससे किसी बड़ी अनहोनी का भी खतरा बना हुआ है। किसानों का कहना है कि समितियों में यूरिया का स्टॉक तो है, लेकिन नेटवर्क की समस्याओं के कारण उन्हें समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। धान और गन्ने की फसल के लिए यूरिया का छिड़काव करना आवश्यक है, लेकिन किसानों को घंटों इंतजार करने के बाद भी सिर्फ एक या दो बोरी मिलती है, जिसमें अक्सर सीलन लगी होती है।
किसान राजेश, भूर्रे, राम कुमार और केशव ने बताया कि समितियों में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन वितरण में देरी हो रही है। सर्वर की सुस्त चाल के कारण उन्हें कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। जिले में कुल 131 समितियां हैं, जिनमें से 96 सक्रिय हैं और 96 हजार किसान सदस्य हैं। इनमें से 36 हजार किसानों को खरीफ फसल के लिए उर्वरक मिल चुका है, जबकि 50 हजार किसानों ने एक बार उर्वरक प्राप्त किया है। हालांकि, 10 हजार किसान ऐसे हैं जो मोबाइल पर संदेश मिलने के बावजूद उर्वरक लेने नहीं पहुंचे।















