Middle East conflict: भारत के 16 नागरिकों ने इस साल गंवाई जान

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष में भारत के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में इस वर्ष
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष में भारत के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में इस वर्ष 16 भारतीयों की जान चली गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। मंत्री के अनुसार, 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष में सऊदी अरब में एक, कुवैत में दो, ओमान में आठ, इराक में एक और यूएई में चार भारतीयों की मृत्यु हुई है। इसके अलावा, इस संघर्ष में 75 भारतीय घायल भी हुए हैं, जो इस क्षेत्र में काम कर रहे थे। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि युद्ध का प्रभाव केवल स्थानीय नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि विदेशी नागरिकों पर भी पड़ रहा है।
मंत्री ने आगे बताया कि संघर्ष के अलावा, एक अलग दुर्घटना में कतर के रास लफ्फान गैस सुविधा में 12 भारतीयों की भी जान गई। इस घटना ने भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को शव भारत लाने में सहायता प्रदान की है, जिससे परिवारों को इस कठिन समय में थोड़ी राहत मिली है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में किया जा रहा है और भारतीय दूतावास ने परिवारों के साथ संपर्क बनाए रखा है ताकि उन्हें स्वदेश लौटने में मदद मिल सके। यह स्पष्ट है कि सरकार इस संकट के समय में अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति गंभीर है।
युद्ध क्षेत्र में काम करने वाले जहाजी कर्मियों के लिए सरकार ने 10 लाख रुपये का एक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने की घोषणा की है। यह कदम उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित होगा, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। इस प्रकार की सहायता से यह संदेश जाता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के प्रति प्रतिबद्ध है, चाहे वे किसी भी परिस्थिति में हों। इस संकट के दौरान, भारतीय सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे इस कठिन समय में अकेला महसूस न करें।

















