Murder of Vaibhav in Gorakhpur: नम आंखों से विदाई, न्याय की मांग

गोरखपुर के खजनी कस्बे में सराफा व्यापारी हनुमान वर्मा के छोटे बेटे वैभव की हत्या के बाद से शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। बुधवार को वैभव को अंतिम विदाई देते
गोरखपुर के खजनी कस्बे में सराफा व्यापारी हनुमान वर्मा के छोटे बेटे वैभव की हत्या के बाद से शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। बुधवार को वैभव को अंतिम विदाई देते समय परिजनों की आंखों में आंसू थे और वे न्याय की मांग कर रहे थे। इस घटना के विरोध में सराफा बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वैभव का अंतिम संस्कार सुबह अयोध्या में किया गया, जहां उनके बड़े भाई आकाश ने मुखाग्नि दी। इस दौरान व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों और परिजनों की बड़ी संख्या मौजूद थी। घटना के बाद पुलिस ने कस्बे में सुरक्षा बढ़ा दी है और आरोपित के घर के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मंगलवार शाम को वैभव का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके घर पहुंचा, जहां रिश्तेदारों और व्यापारियों की भीड़ जुटी रही। परिवार में मातम का माहौल था और परिजन रो-रोकर बुरा हाल कर रहे थे। रात 12:20 बजे शव को अंतिम संस्कार के लिए अयोध्या रवाना किया गया। वैभव के परिवार में उनके माता-पिता और चार भाई-बहन हैं। परिवार के मुखिया लक्ष्मी नारायण वर्मा और उनकी पत्नी द्रौपती देवी के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। वैभव सबसे छोटे बेटे के रूप में परिवार का चहेता था। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं।
















