Farooq Abdullah questions PM: PoK हमारा है तो चुप्पी क्यों...

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (pojk) में बढ़ते तनाव के बीच, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सवाल उठाया है।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ते तनाव के बीच, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत लगातार PoJK को अपना हिस्सा मानता है, तो वहां की स्थिति पर बातचीत क्यों नहीं की जा रही है? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस मुद्दे पर पहल करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से भी आग्रह किया है कि वह PoJK का दौरा कर वहां की वास्तविकता का आकलन करें। अब्दुल्ला का कहना है कि PoJK में हाल के दिनों में हुई हिंसा और तनाव बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को वहां जाकर देखना चाहिए कि लोग किन कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और उन समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से PoJK को अपना हिस्सा मानने के बावजूद वहां के बिगड़ते हालात पर अब तक कोई आधिकारिक बयान या बातचीत की पहल नहीं की गई है, जो कि बेहद निराशाजनक है।
फारूक अब्दुल्ला ने अपने बयान में कश्मीर में बढ़ती नशे की लत पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए, युवाओं को ड्रग्स, शराब और तंबाकू जैसी बुराइयों से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि केवल नशा करने वाले बच्चों को रोकने से यह समस्या समाप्त नहीं होगी, बल्कि असली सख्ती उन बड़े तस्करों पर होनी चाहिए जो बाजार में ड्रग्स की सप्लाई करते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि युवा पीढ़ी को इस गंभीर समस्या से बचाया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में होटलों के निर्माण पर उठे विवाद को भी अपने व्यवहारिक दृष्टिकोण से देखा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब श्रीनगर आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए जगह नहीं मिलती थी और उन्हें गाड़ियों या सड़कों पर रात बितानी पड़ती थी। अब यदि स्थानीय लोग अपने दम पर होटल बना रहे हैं, तो यह पर्यटन को मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायक है।


















