FCRA Bill Discussion in Parliament from August 12: अमित शाह से मिले ईसाई धर्मगुरु, विधेयक पर उठीं चिंताएँ

विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (fcra) से संबंधित नए प्रस्तावित विधेयक को लेकर संसद में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। विधेयक के पेश होने से पहले केंद्र
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से संबंधित नए प्रस्तावित विधेयक को लेकर संसद में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। विधेयक के पेश होने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न हितधारकों के दो प्रमुख प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना और विधेयक के बारे में फैल रही भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सबसे पहले ईसाई समुदाय के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्री से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में मिजोरम कोह्रान ह्मानावतुते कमेटी (MKHC) के अध्यक्ष रेव. जॉन रालदोसांगा और काउंसिल ऑफ चर्चेज इन मिजोरम (CCM) के महासचिव रेव. लाल्हमंगाइहा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने विधेयक के कुछ कड़े प्रावधानों में बदलाव की मांग की। बैठक के बाद, मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बताया कि विधेयक 12 अगस्त को संसद में पेश होने की संभावना है और गृह मंत्री ने आश्वस्त किया कि नया कानून पूर्व प्रभाव (Retrospective Effect) से लागू नहीं होगा।
इसके बाद, ईसाई समुदाय के 10 बिशप और पादरियों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भी अमित शाह से मिला, जिसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री ने प्रतिनिधियों की आपत्तियों और सुझावों को विस्तार से नोट किया और आश्वस्त किया कि इन मुद्दों पर सरकार के अन्य सदस्यों के साथ गंभीरता से चर्चा की जाएगी।
बैठकों के बाद, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि किसी विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए कब सूचीबद्ध किया जाएगा, इसका निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की प्रक्रिया के तहत होता है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह बहस के दौरान सदन में विस्तृत जवाब देंगे।
















