Flood devastation in Navsari: 10 साल के विरल का सपना, घर डूबा, फिर भी इंजीनियर बनने की चाह

गुजरात में हाल ही में आई भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नवसारी जिले में शुक्रवार और शनिवार के बीच केवल 24 घंटों में 400 मिम
गुजरात में हाल ही में आई भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नवसारी जिले में शुक्रवार और शनिवार के बीच केवल 24 घंटों में 400 मिमी से अधिक बारिश हुई, जो कि एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार हुई है। इस भीषण बाढ़ ने सैकड़ों घरों को पानी में डूबो दिया है और हजारों लोगों को बेघर कर दिया है। नवसारी में बाढ़ के कारण स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लोगों के आशियाने पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। इस आपदा के बीच 10 साल का विरल अपनी कहानी लेकर सामने आया है, जो तमाम मुश्किलों के बावजूद इंजीनियर बनने का सपना देखता है। विरल का घर पूरी तरह से डूब चुका है, दरवाजे और बिस्तर टूट चुके हैं, और उनकी मां के पास खाना बनाने के लिए जगह न होने के कारण उनका कमरा ही किचन का काम कर रहा है। कमर तक पानी में खड़े होकर रोते हुए विरल ने बताया कि बाढ़ के कारण खाना और साफ पानी जुटाना भी बेहद मुश्किल हो गया है। उनकी बहन दीपिशा को पीने का साफ पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। विरल ने कहा कि यहां जिंदगी बहुत मुश्किल है। सब कुछ डूबा हुआ है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा दोबारा न हो।
इतनी निराशा के बावजूद, विरल के घर की दीवारों पर लटके मेडल उनके इरादों की कहानी बयां करते हैं। अपनी मां की मदद करने के लिए इंजीनियर बनने का सपना देखने वाला विरल हार मानने को तैयार नहीं है। आंसुओं को रोकते हुए विरल ने अधिकारियों से बस एक ही अपील की, "साहेब, घर बना देना।" नवसारी से कुछ ही दूरी पर स्थित भारत की डायमंड सिटी सूरत में भी बाढ़ से भारी तबाही हुई है। सूरत के शांतादेवी इलाके में कम से कम 300 डायमंड फैक्ट्रियों में पानी का स्तर लगभग पांच फीट तक पहुंच गया है। जलभराव के कारण मशीनों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है और उत्पादन पूरी तरह ठप्प हो गया है। पिछले 10 दिनों से हजारों डायमंड कारीगर बिना काम के हैं। इंडस्ट्री में मंदी के कारण इन्हें पहले से ही हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम मिल रहा था, ऐसे में बारिश और बाढ़ ने इन पर दोहरी मार ला दी है।
















