Fraudulent Certificates: फर्जी प्रमाणपत्र से हथिया ली शिक्षक की नौकरी

मंडी से मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटे का गलत लाभ उठाकर टीजीटी मेडिकल शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले में हिमाचल प्रदेश
मंडी से मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटे का गलत लाभ उठाकर टीजीटी मेडिकल शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले में हिमाचल प्रदेश विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। विजिलेंस की टीम ने चारों आरोपित शिक्षकों को मंडी कार्यालय में तलब किया और उनसे पूछताछ की। इस दौरान उनके ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड को भी कब्जे में लिया गया है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप सही हैं, तो चारों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मामला चलाया जाएगा। यह मामला 2022 के भर्ती बैच से संबंधित है, जिसमें आरोपित शिक्षकों ने 2024 में नौकरी प्राप्त की थी। आरोप है कि इन शिक्षकों ने फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जमा किए, जबकि वे इस कोटे की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे।
विजिलेंस को इस मामले में शिकायत मिली थी कि संपन्न परिवारों से संबंध रखने के बावजूद इन अभ्यर्थियों ने गलत तथ्यों के आधार पर प्रमाणपत्र बनवाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने पात्र गरीब अभ्यर्थियों का हक मारकर नौकरी हासिल की है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में भी ईडब्ल्यूएस और अन्य आरक्षित श्रेणियों के तहत भर्ती हुए कर्मचारियों के दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। इस प्रकार की जांच से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता बनी रहे और योग्य अभ्यर्थियों को ही अवसर मिले।
















