Gorakhpur Girl Murder Case: गोरखपुर बालिका हत्याकांड में दरिंदगी की दास्तान

गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक अपहृत बच्ची के साथ बर्खास्त सिपाही ने अमानवीयता की सारी सीमाएं पार कर दीं। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक
गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक अपहृत बच्ची के साथ बर्खास्त सिपाही ने अमानवीयता की सारी सीमाएं पार कर दीं। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ने इस जघन्य अपराध की भयावहता को उजागर किया है। बच्ची के दोनों हाथ कपड़े से पीछे बंधे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसे प्रतिरोध करने का कोई अवसर नहीं दिया गया। उसकी पहचान मिटाने के लिए सिर को इस तरह क्षत-विक्षत किया गया कि देखने पर यह प्रतीत होता है जैसे किसी जानवर ने उस पर हमला किया हो। बच्ची के दोनों पैरों की कुल आठ उंगलियां काट दी गई थीं, और उसकी जांघों की हड्डियां भी टूटी हुई थीं। इसके अलावा, उसके पेट पर गहरे कट के निशान थे और आंतें बाहर निकल आई थीं। इस जघन्य हत्या की तस्वीरें देखकर हर किसी का दिल दहल उठता है।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गले, चेहरे और प्राइवेट पार्ट पर भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने आरोपित के कपड़ों पर खून के निशान पाए, जिसे वह धोकर मिटाने का प्रयास कर चुका था। घटना स्थल पर मिले शव की स्थिति इतनी विकृत थी कि यह किसी जानवर के शिकार की तरह प्रतीत हो रही थी। तीन डॉक्टरों की एक टीम ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, जिसमें डीएनए के लिए नाखून, सिर के बाल और स्किन के नमूने प्रिजर्व किए गए हैं। यह सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की कोई सीमा नहीं थी।















