Justice for Insha: पैलेट गन से आंखों की रोशनी गंवाने वाली इंशा को 10 साल बाद मिला इंसाफ

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2016 में पैलेट गन के कारण अपनी आंखों की रोशनी गंवाने वाली इंशा मुश्ताक को 41.16 लाख रुपये की राशि जारी करने की
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2016 में पैलेट गन के कारण अपनी आंखों की रोशनी गंवाने वाली इंशा मुश्ताक को 41.16 लाख रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी है। यह राशि इंशा की अधूरी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को पूरा करने के लिए दी जाएगी। सरकार के मंत्री सतीश शर्मा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि न्याय में देरी हुई है, लेकिन न्याय से इन्कार नहीं किया गया। यह फैसला इंशा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जो वर्षों से इस राशि की प्रतीक्षा कर रही थीं। इंशा मुश्ताक, जो दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के सेडो इलाके की निवासी हैं, ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए वर्ष 2023 में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास की है। उन्होंने 500 में से 319 अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत और संघर्ष को दर्शाता है।
इंशा मुश्ताक की एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप वर्ष 2018 में स्वीकृत की गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह वर्षों तक अधूरी रही। अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने बकाया राशि जारी करने का निर्णय लिया है, जिससे इंशा की उम्मीदों को एक नई दिशा मिली है। यह मामला उस समय का है जब कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान इंशा पैलेट गन की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। यह घटना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे कश्मीर के लिए एक दुखद घटना थी, जिसने कई परिवारों को प्रभावित किया।
















