Gorakhpur Minor Murder Case: गोरखपुर में सिपाही के कृत्य से ग्रामीणों में आक्रोश

गोरखपुर के चौरा गांव में एक सिपाही अभिषेक यादव के खिलाफ ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला है। सिपाही पर गंभीर आरोप लगने के बाद गांव में इस घटना की चर्चा ज
गोरखपुर के चौरा गांव में एक सिपाही अभिषेक यादव के खिलाफ ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला है। सिपाही पर गंभीर आरोप लगने के बाद गांव में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों ने अभिषेक के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अभिषेक का व्यवहार पहले से ही लोगों के प्रति ठीक नहीं रहा है, और उसकी उग्रता ने गांव के लोगों में डर पैदा किया है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे व्यक्ति पर लगे आरोप बेहद शर्मनाक हैं, जो कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालता है। यदि अभिषेक दोषी साबित होता है, तो उसे ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध की हिम्मत न जुटा सके।
गौरतलब है कि अभिषेक यादव 2018 बैच का सिपाही है और वह चार भाइयों में सबसे छोटा है। उसके परिवार में पत्नी, चार वर्ष की बेटी और एक वर्ष का बेटा है। उसकी ससुराल मोलानापुर में है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे व्यक्ति का आचरण पुलिस विभाग के लिए कलंक है। घटना के बाद से गांव में अभिषेक के खिलाफ गुस्सा और नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
गुरुवार को जब अभिषेक यादव को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया, तो वहां लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों और तीमारदारों ने पुलिस की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते हुए आरोपित की पिटाई कर दी। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। एसपी सिटी निमिष पाटील के मौके पर पहुंचने के बाद ही हालात सामान्य हो सके। इस घटना ने न केवल गांव में बल्कि पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















