Government Spending on Ambedkar Memorial: दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने पर केंद्र ने खर्च किए 122.87 करोड़ रुपये

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने 2018 में दिल्ली में अंबेडकर स्मारक क
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने 2018 में दिल्ली में अंबेडकर स्मारक के निर्माण पर 122.87 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह जानकारी उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में दी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि संस्कृति मंत्रालय ने स्वयं मूर्तियों और स्मारकों का निर्माण नहीं किया है, बल्कि यह कार्य आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अधीन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्यूडी) द्वारा किया गया है। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न स्मारकों और मूर्तियों के निर्माण पर खर्च की गई राशि का विवरण भी साझा किया। इसके अनुसार, 2019 में गुजरात के दांडी में नेशनल दांडी मेमोरियल परिसर के निर्माण पर 59 करोड़ रुपये, 2017-18 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के स्मारक के लिए 41.34 करोड़ रुपये, नई दिल्ली के जैसलमेर हाउस में बीआर. आंबेडकर की मूर्ति के लिए 7.89 लाख रुपये, सुप्रीम कोर्ट परिसर में आंबेडकर की मूर्ति पर 14.56 लाख रुपये और दिल्ली के हौज खास में एनसीईआरटी परिसर में वेद व्यास की मूर्ति पर 1.95 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल, 2018 को दिल्ली में अलीपुर रोड पर डॉ. अंबेडकर के महापरिनिर्वाण स्थल पर डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन किया था। मंत्री ने अन्य प्रश्नों के उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार ने 2025-26 में देशभर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव के लिए 376.88 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने बताया कि एएसआई के अधिकार क्षेत्र में देशभर में कुल 3,688 संरक्षित स्मारक और स्थल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ में सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर और भोरमदेव मंदिर शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि ये सभी स्मारक अच्छी स्थिति में हैं। एएसआई में कुल 8,755 स्वीकृत पदों में से 3,073 पद खाली हैं।
संस्कृति मंत्री ने यह भी बताया कि कोलकाता के इंडियन म्यूज़ियम ने पुरातत्व से जुड़ी कलाकृतियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित जीर्णोद्धार के लिए आईआईटी-खड़गपुर के साथ सहयोग किया है। इसके अलावा, इंडियन म्यूज़ियम ने गूगल आर्ट एंड कल्चर के साथ मिलकर डिजिटल माध्यमों से विरासत को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल प्रदर्शनी तैयार की है। एएसआई ने हंपी (कर्नाटक) और नालंदा (बिहार) में मौजूद म्यूज़ियम के लिए मोबाइल-बेस्ड एप लांच किए हैं। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने मिथिला कला, परंपराओं और पांडुलिपियों के विभिन्न पहलुओं का दस्तावेजीकरण, शोध, प्रकाशन और डिजिटल संरक्षण किया है। 'म्यूजियम्स आफ इंडिया' पोर्टल के जरिये राष्ट्रीय डिजिटल रिपाजिटरी बनाई गई है, जहां आठ राष्ट्रीय स्तर के म्यूज़ियम, एएसआई के दो म्यूज़ियम और पुणे के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर म्यूज़ियम के डिजिटाइज़्ड कलेक्शन उपलब्ध हैं।
















