Greater Noida: ई-बसों के संचालन में बदलाव, 30 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे

ग्रेटर नोएडा में ई-बसों के संचालन की योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। हाल ही में तीनों प्राधिकरणों में सबसे कम यात्री संख्या के कारण यह निर्णय लिया गया ह
ग्रेटर नोएडा में ई-बसों के संचालन की योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। हाल ही में तीनों प्राधिकरणों में सबसे कम यात्री संख्या के कारण यह निर्णय लिया गया है कि अब ई-बसों को चार्जिंग के लिए नोएडा के इलेक्ट्रिक डिपो नहीं भेजा जाएगा। इसके बजाय, कासना डिपो में ही चार्जिंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी। कासना और ग्रेनो वेस्ट में मिलाकर 30 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने जानकारी दी कि कासना डिपो में पहले से ही सात चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। आवश्यकता पड़ने पर यहां आठ और चार्जिंग स्टेशन जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या 15 हो जाएगी, जो 25 बसों के लिए पर्याप्त होगी। इसी प्रकार, ग्रेनो वेस्ट में 130 मीटर रोड पर बन रहे बस कारिडोर में भी 15 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था से बसों को चार्जिंग के लिए नोएडा या कासना तक खाली दौड़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और बैटरी नजदीक में ही चार्ज हो सकेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि यात्रियों का इंतजार कम करने की दिशा में काम चल रहा है। चार्जिंग में देरी खत्म होने से बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी। हाल के सर्वे में यह सामने आया है कि कई बसें बिना सवारी के जेवर तक जा रही थीं, इसलिए अब सभी बसें एयरपोर्ट नहीं जाएंगी। कुछ बसों का टर्मिनल परी चौक और कासना पर ही रहेगा, जबकि कुछ बसें एयरपोर्ट रूट पर चलेंगी। इसके बजाय ग्रेनो ईस्ट, ग्रेनो वेस्ट और नोएडा के बीच फेरे बढ़ाए जाएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देना है।

















